स्वयं परिचय….

मुझे घूमने का शौक….., नहीं नहीं घूमने का रोग तो बचपन से था,खूब घूमा भी,मगर इस घूमने के शौक में पंख और लग गए जब स्टेट बैंक में अधिकारी नियुक्त हुआ। मैने लगभग सारे हिंदुस्तान की यात्रा की है ।इस के लिए जो भी उपलब्ध साधन जैसे कि ट्रेन,बस,ट्रक और पैदल ,से अपना शौक पूरा किया है।मगर यात्राओं के अनुभवों को आप तक पहुंचाने का समय, रिटायरमेंट के बाद ही मिला है। मेरी छोटी पुत्रवधू हिमांशी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से ही आज मैं उन अनुभवों को ब्लाॅग के रूप में आप सब के सामने प्रस्तुत करने में सक्षम हुआ हूं।कृपया मेरी इन यात्राओं के अनुभवों का आप खुद भी आनंद लें एवम् इन्हे अपने परिचितों, मित्रों को भी दिलाएं। हां एक विशेष अनुरोध, कृपया ब्लॉग  में अपने कमेंट अवश्य लिखें ताकि मुझे आपकी कीमती राय से प्रेरणा एवं उत्साह प्राप्त होता रहे।

आभार सहित : ऋषि।

5 responses to “स्वयं परिचय….”

  1. आपका घूमने का शौक सराहनीय है।शौक बनाए रखिए।

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  2. आपका बहुत बहुत आभार कि आपने अपने अनुभवों को साझा किया ।ईश्वर करें कि आप इसी प्रकार अपनी यात्राओ के अनुभवों को हमे अपने ब्लॉग के द्वारा पहुँचाते रहे ।

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  3. Your style of narration makes me feel as if I am traveling with you Keep sharing your journeys

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  4. प्रिय ऋषि !
    आपके शौक से मैं भली-भांति परिचित हूं। मुझे याद है जब आप की पोस्टिंग मांट में हुआ करती थी, तब मांट ब्रांच में केंद्रीय कार्यालय निरीक्षण के दौरान, निरीक्षक महोदय ने ब्रज क्षेत्र के भ्रमण की इच्छा प्रकट की थी। शाखा प्रबंधक होने के नाते मेरा दायित्व था कि अपने अतिथि की भावनाओं का आदर करते हुए उन्हें बृज की यात्रा कराई जाए। परंतु क्षेत्र का विशेष अनुभव न होने के कारण मैं अपने आप को अक्षम समझ रहा था, तब आपने स्वेच्छा से यह जिम्मेदारी अपने ऊपर ली थी और अपनी गाड़ी से हम सभी को ब्रज क्षेत्र के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया था। इतना ही नहीं जो रुचि आपने प्रदर्शित की तथा जिस प्रकार का वर्णन स्थान विषेशों के वारे में किया, वह किसी अच्छे गाइड के भी बस का नहीं था। मैं आज 27 वर्षों के बाद भी उन दिनों को नहीं भूल पाया हूं। आपकी वह रुचि एवं आतिथ्य सत्कार का दृश्य आज भी मेरे मानस पटल पर अंकित हो जाता है तथा एक लालसा जागृत होती है कि एक बार पुनः आपके साथ ब्रज क्षेत्र के भ्रमण का आनंद उठाएं।
    देखें क्या होता है जैसी हरि इच्छा !!
    पुनश्चः अपनी यात्राओं के संस्मरण पर ब्लॉग लिखने का आपका विचार अति उत्तम है कृपया जारी रखें।

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