मुझे घूमने का शौक….., नहीं नहीं घूमने का रोग तो बचपन से था,खूब घूमा भी,मगर इस घूमने के शौक में पंख और लग गए जब स्टेट बैंक में अधिकारी नियुक्त हुआ। मैने लगभग सारे हिंदुस्तान की यात्रा की है ।इस के लिए जो भी उपलब्ध साधन जैसे कि ट्रेन,बस,ट्रक और पैदल ,से अपना शौक पूरा किया है।मगर यात्राओं के अनुभवों को आप तक पहुंचाने का समय, रिटायरमेंट के बाद ही मिला है। मेरी छोटी पुत्रवधू हिमांशी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से ही आज मैं उन अनुभवों को ब्लाॅग के रूप में आप सब के सामने प्रस्तुत करने में सक्षम हुआ हूं।कृपया मेरी इन यात्राओं के अनुभवों का आप खुद भी आनंद लें एवम् इन्हे अपने परिचितों, मित्रों को भी दिलाएं। हां एक विशेष अनुरोध, कृपया ब्लॉग में अपने कमेंट अवश्य लिखें ताकि मुझे आपकी कीमती राय से प्रेरणा एवं उत्साह प्राप्त होता रहे।
आभार सहित : ऋषि।
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