लेखक: skrishi
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यात्रा…. औंधा नगनाथ (महाराष्ट्र)
सुबह 11 बजे से महाराष्ट्र सरकार की बस से लगातार चलते हुए ,लगभग दोपहर के 3 बजे के करीब जब हम औंधा नाग नाथ पहुंचने ही वाले थे कि एक ढाबे पर बस रूकी। कंडकतर महोदय ने उच्च स्वर में घोषणा की कि 15 मिनट के विराम में आप भोजन आदि कर सकते हैं ।बस…
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यात्रा …..परली बैजनाथ : ज्योतिर्लिंग
जैसे कि मैने पहले बताया था , मैं पुणे बेटे के पास आया हुआ था , कि मेरे छोटे भ्राता श्री नरेंद्र का फोन आया , कि आप चूंकि पुणे में है ,तो क्यों ना राखी के अवसर पर हैदराबाद निवासी हमारी छोटी बहन के पास जा कर ,उसके साथ क्यों ना रखी के त्योहार …
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यात्रा …. शबरी जन्मस्थान (छत्तीस गढ़)
कभी कभी अनायास मिला अवसर ” सुअवसर ” में कैसे बदलता है ,उसका अनुभव मुझे तीन महीने पूर्व की गई “” रायपुर “” शहर की यात्रा पर मिला ।बात ये हुई कि छत्तीसगढ़ की राजधानी ” रायपुर ” में मेरी बड़ी साली साहिबा रहती है ,पता नही उन्हे क्या सूझा कि उन्होंने अपनी बड़ी बेटी…
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यात्रा …..उत्तराखंड :: पाताल भुवनेश्वरी की गुफाएं
पिथौरागढ़ की मुख्य सड़क ,से पाताल भुवनेश्वरी जाने वाली सड़क पर मुड़ते ही समझ आ गया कि एक बार फिर से हम उत्तराखंड के सौंदर्य में डूबने वाले हैं। कैसे ,तो सुनिए , जहां ,पिथौरागढ़ की सड़क ,आते जाते वाहनों से भरी हुई थी ,वहीं इस पाताल भुवनेश्वरी जाने वाली सड़क एक…
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यात्रा ……उत्तराखंड :: पिथौरागढ़ शहर
पिथौरागढ़ पहुंचते पहुंचते रात के नो बज गए ।दिन भर के थके मांदे ,भूखे ,सब से पहले हमने जो भी ढंग का होटल देखा ,घुस गए ।हाथ मुंह धो ,नजदीक के किसी भी खाने के होटल को ढूंढने निकल पड़े ।थोड़ा इधर उधर भटकने के बाद दो, खाने के होटल दिखाई दिए…
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यात्रा…….उत्तराखंड : : मुंसियारी शहर
दिन के अभी ग्यारह बजे थे , और हमारी मंजिल ” मुंसियारी “” सौ किलोमीटर से अधिक दूरी पर थी ।विश्वास था कि अंधेरा होने तक हम वहां पहुंच जायेंगे ।कुछ दूर चलने के बाद हमारा ध्यान गया कि हम लगातार ढलान की ओर बढ़ रहें है ।वन क्षेत्र भी कम होने…
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यात्रा ……..उत्तराखंड ( भाग : पांच)
कपकोट कस्बा ,जो की बीस किलोमीटर की दूरी पर था ,सड़क की ऊंचाई थोड़ी कम थी ,कुछ कुछ दूरी पर गांव आदि भी दिखाई दे रहे थे ,सरयू नदी भी हमारे साथ साथ बह रही थी ,पर जैसे ही कपकोट कस्ब से हम आगे बढ़े ,अचानक हमारे आस पास के भू दृश्य…
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यात्रा ……. उत्तरा खंड :: घनसाली शहर
सुबह सुबह आंख खुली ,हमारे आसपास ही गूंजती , चहचहाती पक्षियों की मधुर चहचहाटो से । ये इतनी विविध और मधुर थी , कि अल सुबह ,रजाई छोड़ ,कमरे के बाहर निकल आया ।देखा ,सामने एक खुला बरामदा है।जब कदम उधर बढ़ाए ,तो नजारा देख आंख खुली की खुली रह गई ।ठीक…
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यात्रा ……..उत्तराखंड : : चंबा ,टिहरी डैम
इस से पहले कि हम मंसूरी से हिमालय अर्थात उत्तराखंड की यात्रा पर आगे चलें ,इस से पूर्व आप जरा उत्तराखंड का नक्शे पर गौर फरमाएं।हमने उत्तराखंड की यात्रा इसके पश्चिमी किनारे यानी देहरादून से आरंभ की है और सीधे उत्तराखंड के पूर्वी अंतिम छोर पिथौरागढ़ से पुनः वापसी की योजना…
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यात्रा ……उत्तराखंड :: देहरादून ,मसूरी का आनंद
“” ** खाली खाली झोलों से ,खाली भोर दोपहरी से , हम तो झोला उठा के चले ,ओ ओ रामचन्द्र रे ** मन ही मन गुनगुनाते हुए, जैसे ही हम चारों हिमालय की अपनी दुरूह यात्रा पर निकले तो अनायास ही उपरोक्त गीत हमारी जिव्हा पर…